About Dr Dinesh Sharma

डॉ. दिनेश शर्मा का जन्म लखनऊ के एक ब्राह्मण परिवार में 12 जनवरी, 1964 को हुआ था। इनके पिता का नाम केदार नाथ शर्मा है। इनके पिता भी एक आर.एस.एस कार्यकर्ता थें। 

सन् 1992 में डॉ. दिनेश शर्मा ने लखनऊ विश्वविद्यालय में एक अस्थायी प्रोफेसर के रूप में अपने करियर की शुरुआत करी, जिसके बाद कॉमर्स विभाग में आप स्थायी प्रोफेसर हो गए। विश्वविद्यालय में आपने अपने प्रोफेसर कार्यकाल के दौरान लगभग 2 दर्जन से अधिक छात्रों को पीएचडी के लिए दिशा प्रदान करी, जो आपके करियर का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

अपने छात्र जीवन के समय से ही डॉ. दिनेश शर्मा राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में खास दिलचस्पी रखते थें। जिस वक्त डॉ. दिनेश शर्मा अपनी पढ़ाई कर रहे थें, उसी वक्त सबसे पहली बार आपने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी (जो आर.एस.एस. की राजनीतिक छात्र विंग है) में कदम रखा और अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करी। इसके बाद वर्ष 1987 में इन्हे लखनऊ संघ की शाखा प्रमुख के तौर पर चुना गया। इसके बाद इनके साधारण और सरल जीवन और बेहतर राजनीतिक परिणामों के चलते वर्ष 1993 में इन्हे भारतीय युवा जनता मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया।

आपके राजनीतिक करियर में उस वक्त बड़ा बदलाव आया जब भाजपा के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी की नजर आप पर पड़ी और फिर इसके बाद आपको लखनऊ से भाजपा के महापौर प्रत्याशी पद के लिए चुना गया, जिसके बाद आप वर्ष 2006 में प्रथम बार लखनऊ के मेयर चुने गए। वर्ष 2012 में आपके बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए आपको दोबारा भाजपा की ओर से लखनऊ के मेयर पद के प्रत्याशी के रूप में चुना गया और आप दूसरी बार भी भारी मतों से विजयी हुए।

आपके राजनीतिक परिणामों, स्वच्छ छवि को देखते हुए और 2014 में हुए आम चुनाव में आप द्वारा दिए गए योगदान के चलते भाजपा को उत्तर प्रदेश में भारी मतों से जीत मिलने के बाद आपको 16 अगस्त, 2014 को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया गया।

प्रत्येक वर्ग, धर्म एवं हर तबके के समाज के बीच आपकी छवि हमेशा से मिलनसार रही है। जिसकी वजह से आम जनता के बीच आप हमेशा से काफी लोकप्रिय नेता रहे हैं। इसी छवि के कारण वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में जब भाजपा सरकार की भरी मतों से जीत हुई तब आपको प्रदेश का उपमुख्यमंत्री चुना गया, जिससे आपका कार्यक्षेत्र बढ़ गया और पूरे प्रदेश को और बेहतर बनाने का आपको मौका मिला।

उपमुख्यमंत्री के पद के साथ-साथ आपको प्रदेश के प्रमुख विभागों जैसे माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रानिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी का भी कार्य भार सौंपा गया।